रियायत होगी ...........
अभी मै चुप हूँ तो इसको तू गनीमत जान,
जुबां जो खुल गयी तो आज ही क़यामत होगी ,
बड़ी बेरहम है ये कमबख्त ज़ुबां मेरी ,
गर सच बयाँ कर दे तो पहली आपको ही शिकायत होगी ,
गर मै सच बयाँ नहीं करता तो तुम समझ लेना ,
इसके लिए भी तेरी ही हिदायत होगी ,
लालच में हूँ ये सुनकर कि तेरी कफ़न की दूकान है ,
तो चलो ज़नाजे के वक़्त कुछ तो रियायत होगी ..........
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jankar se itni ummid to kar hee sakte hain. lekin wo pahale chala gya to! narayan narayan
जवाब देंहटाएंचिटठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है.
जवाब देंहटाएंआप को दिवाली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं.
लेखन के द्वारा बहुत कुछ सार्थक करें, मेरी शुभकामनाएं.
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हिंदी ब्लोग्स में पहली बार Friends With Benefits - रिश्तों की एक नई तान (FWB) [बहस] [उल्टा तीर]
ज्योति पर्व दीपावली
जवाब देंहटाएंशत शत अभिनन्दन!
ढेरों शुभ कामनाएँ!
स्वागत के बाद फिर से टिपण्णी कर रहा हूँ
जवाब देंहटाएंरचना में कुछ कमी सी लगी मगर जो रिदम बना है वह कमी ओर जाने नहीं देती. बहुत अच्छा लिखा है.
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अंतिम पढाव पर-Friends With Benefits - रिश्तों की एक नई तान (FWB) [बहस] [उल्टा तीर]
अभी मै चुप हूँ तो इसको तू गनीमत जान,
जवाब देंहटाएंजुबां जो खुल गयी तो आज ही क़यामत होगी ,
बड़ी बेरहम है ये कमबख्त ज़ुबां मेरी ,
गर सच बयाँ कर दे तो पहली आपको ही शिकायत होगी ,
Bahut khoob!
ji sabako bahut bahut dhanyvad
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