रविवार, 16 अगस्त 2009

रियायत होगी ...........

रियायत होगी ...........



अभी मै चुप हूँ तो इसको तू गनीमत जान,
जुबां जो खुल गयी तो आज ही क़यामत होगी ,
बड़ी बेरहम है ये कमबख्त ज़ुबां मेरी ,
गर सच बयाँ कर दे तो पहली आपको ही शिकायत होगी ,
गर मै सच बयाँ नहीं करता तो तुम समझ लेना ,
इसके लिए भी तेरी ही हिदायत होगी ,
लालच में हूँ ये सुनकर कि तेरी कफ़न की दूकान है ,
तो चलो ज़नाजे के वक़्त कुछ तो रियायत होगी ..........

6 टिप्‍पणियां:

  1. चिटठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है.
    आप को दिवाली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं.
    लेखन के द्वारा बहुत कुछ सार्थक करें, मेरी शुभकामनाएं.
    ---
    हिंदी ब्लोग्स में पहली बार Friends With Benefits - रिश्तों की एक नई तान (FWB) [बहस] [उल्टा तीर]

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  2. ज्योति पर्व दीपावली


    शत शत अभिनन्दन!
    ढेरों शुभ कामनाएँ!

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  3. स्वागत के बाद फिर से टिपण्णी कर रहा हूँ
    रचना में कुछ कमी सी लगी मगर जो रिदम बना है वह कमी ओर जाने नहीं देती. बहुत अच्छा लिखा है.

    ---
    अंतिम पढाव पर-Friends With Benefits - रिश्तों की एक नई तान (FWB) [बहस] [उल्टा तीर]

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  4. अभी मै चुप हूँ तो इसको तू गनीमत जान,
    जुबां जो खुल गयी तो आज ही क़यामत होगी ,
    बड़ी बेरहम है ये कमबख्त ज़ुबां मेरी ,
    गर सच बयाँ कर दे तो पहली आपको ही शिकायत होगी ,
    Bahut khoob!

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